यमकेश्वर के दीउली एवं गैंडखाल में कांग्रेस ने मार्च निकालकर फूंका ज्ञानेश कुमार का पुतला

यमकेश्वर के दीउली एवं गैंडखाल में कांग्रेस ने मार्च निकालकर फूंका ज्ञानेश कुमार का पुतला

एनसीपी न्यूज़। यमकेश्वर/ कोटद्वार। “लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ” अभियान के तहत आज जिला कांग्रेस कमेटी कोटद्वार द्वारा दीउली एवं गैंडखाल क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मार्च निकाला गया तथा बैठक आयोजित की गई। दीउली बाजार में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर स्थानीय लोगों व कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा को लेकर नारे लगाए।
विकास नेगी ने कहा कि लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के मद्देनजर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। साथ ही, जिन मामलों में उनके विरुद्ध नियमों या कानून के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा जांच में अपराध सिद्ध होने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई एवं गिरफ्तारी की जाए।

बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कांग्रेसजनों एवं सम्मानित कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाने को लेकर चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी कोटद्वार के जिलाध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता की जागरूकता और भागीदारी आवश्यक है। कांग्रेस कार्यकर्ता “लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ” के संदेश को लेकर गांव-गांव और आम जनता के बीच पहुंचेंगे तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के प्रति लोगों को जागरूक करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का निरंतर प्रयास है।
कार्यक्रम में विकास नेगी जिला अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कोटद्वार ,विनोद डबराल पूर्व जिला अध्यक्ष, रूचि कैंतूरा प्रदेश सचिव, उत्तराखंड कांग्रेस, जयपाल सिंह पयाल कांग्रेस नेता, उपेंद्र पयाल, नीरज पयाल, भगत सिंह पयाल, मदन रावत, सुमन पंवार, रघुवीर सजवान, मनोज पयाल, शुभम गुवाड़ी, संदीप कुमार एवं अन्य समर्थक मौजूद थे।

 

Ravikant Duklan (MA. MassCom )

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