शिक्षक दिवस पर 154 शिक्षक-शिक्षिकाओं का हुआ सम्मान
एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार। शिक्षक दिवस के अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय सुरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा एवं समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 154 शिक्षक-शिक्षिकाओं, डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर एवं प्रोफेसराओं तथा अध्यापक-अध्यापिकाओं का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। समारोह के दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता का भाव देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन जीने की सही दिशा, संस्कार, अनुशासन और अच्छे-बुरे के बीच अंतर समझने की क्षमता प्रदान करते हैं। एक शिक्षक का प्रभाव उसकी कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी दी हुई सीख विद्यार्थी के पूरे जीवन के साथ चलती है।
अपने संबोधन में नेगी ने भावुक होते हुए कहा कि वैसे तो जीवन में अनेक शिक्षकों का मार्गदर्शन, सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त हुआ, लेकिन जीवन की पहली गुरु मां होती हैं। उन्होंने कहा कि मां ही बच्चे को जीवन के शुरुआती संस्कार देती है, सही और गलत का अंतर समझाती है और कठिन परिस्थितियों में हिम्मत के साथ आगे बढ़ना सिखाती है। शिक्षक दिवस के इस अवसर पर उन्होंने अपनी मां को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए नमन किया।
नेगी ने अपने जीवन के एक विशिष्ट शिक्षक को स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा दी गई “कभी हार मत मानना” की सीख आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी रही हों, उन्होंने धैर्य, अनुशासन, ईमानदारी, अपने सिद्धांतों और कभी हार न मानने की भावना को हमेशा अपने साथ रखा। उन्होंने कहा कि जब भी जीवन में कठिन परिस्थितियां सामने आती हैं, गुरु द्वारा दी गई वही सीख आगे बढ़ने का साहस देती है।