केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार। देशभर में पेपर लीक, भर्ती घोटालों तथा जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों एवं न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज महानगर कांग्रेस कमेटी, कोटद्वार द्वारा पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय से हुई, जहां पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार सुरेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों एवं संगठनों के पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके उपरांत नेगी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने बाजार मार्ग से विशाल विरोध मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए छात्र-छात्राओं के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। पूरे बाजार में गूंजते नारों के बीच मार्च तहसील परिसर पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर का घेराव कर सरकार की छात्र एवं युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
इसके उपरांत तहसील परिसर के बाहर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में सरकार का पुतला दहन किया गया तथा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में जोरदार नारेबाजी की गई। *अपने संबोधन में पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी ने कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य, रोजगार और न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसकी आवाज सुनने के बजाय सरकार दमन और लाठी के बल पर लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर जिस प्रकार बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है*।श्री नेगी जी ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा का विषय नहीं, बल्कि लाखों युवाओं और उनके परिवारों के सपनों, वर्षों की मेहनत और विश्वास का प्रश्न है। उत्तराखंड सहित देश के अनेक राज्यों में भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है और अब उनकी मेहनत भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाई जा रही है।