कोटद्वार में द्वितीय उत्तराखंड राज्य तांग सू डो चैंपियनशिप का हुआ भव्य आयोजन
एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार। कोटद्वार में द्वितीय उत्तराखंड राज्य तांग सू डो चैंपियनशिप 2026-27 का भव्य आयोजन किया गया*। *तांग सू डो एसोसिएशन उत्तराखंड* द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में *12 विद्यालयों के लगभग 120 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया*। प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी खेल प्रतिभा, शारीरिक दक्षता, अनुशासन तथा आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का शानदार प्रदर्शन किया।
*प्रतियोगिता में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे*। *इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीमती गीता नेगी भी मौजूद रहीं*। उन्होंने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विभिन्न मुकाबलों और प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
*अपने संबोधन में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने विशेष रूप से बेटियों की आत्मरक्षा को महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी आवश्यक है। तांग सू डो जैसी मार्शल आर्ट विधाएं बेटियों में आत्मविश्वास, साहस, एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की रक्षा करने की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं*। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेटियों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करता है और उन्हें किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से करने के लिए तैयार करता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों को खेलों तथा आत्मरक्षा जैसी उपयोगी गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 12 विद्यालयों के करीब 120 बालक-बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। बच्चों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने उपस्थित अभिभावकों एवं खेलप्रेमियों का भी उत्साह बढ़ाया।
*इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने आयोजन समिति, प्रशिक्षकों, विद्यालयों तथा अभिभावकों को बच्चों को खेलों और आत्मरक्षा से जोड़ने के लिए बधाई दी*।
उन्होंने कहा कि जिस उम्र में बच्चे खेल के मैदान में अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास सीखते हैं, उसी उम्र में उनके व्यक्तित्व की मजबूत नींव तैयार होती है। तांग सू डो जैसी विधाएं बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें मानसिक रूप से भी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती हैं।