कौशिक समिति की सिफारिश के अनुरूप उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र व गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किया जाए- समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह रावत
एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह रावत ने कहा कि 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह की सरकार ने रमाशंकर कौशिक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर सबसे पहले पर्वतीय राज्य की अवधारणा को ठोस असली जामा पहनाया था। इस समिति ने अपनी अनुसंशाओं में कुमाऊँ व गढ़वाल क्षेत्र के मध्य में स्थित गैरसैंण को इस राज्य की स्थाई राजधानी बनाने की सिफारिश की थी, जिसे राज्य बनने के 26 साल बाद भी पूरा नही किया जा सका। इसके अलावा कौशिक समिति ने यह भी सुझाव दिया था कि हिमालयी क्षेत्र होने व इसकी पिछड़ी हुई भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इसको पूर्णता पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए। जिससे यहां रहने रहने वाले सभी निवासियों को जिनमें ब्राह्मण, राजपूत व अन्य सभी सामान्य जातियों को भी पिछड़ी जातियों में शामिल किया जा सके। जिससे राज्य के सभी निवासियों को इसका लाभ मिल सके। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह रावत ने कहा कि यह राज्य का दुर्भाग्य है कि राज्य में बारी- बारी से कांग्रेस व भाजपा की सरकारें रहीं लेकिन 26 वर्ष पूरे होने के बाद भी इन विषयों पर अभी तक ध्यान नही दिया गया। जिसका परिणाम है कि आज भी राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैंण नही बन पाई और न ही राज्य में पलायन की समस्या को सुलझाया जा सका। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि वह इन विषयों पर गंभीरता से विचार करे कि आखिर 32 साल पहले बनी समिति की सिफारिशों पर क्यों अब तक यह दल निर्णय नही कर पा रहे हैं।