गुलदार के आतंक के खिलाफ विनोद डबराल ने उठाई आवाज, झाड़ियों की कटाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वन विभाग से कार्रवाई की मांग
एनसीपी न्यूज़। यमकेश्वर/कोटद्वार। यमकेश्वर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गुलदार की सक्रियता और उससे ग्रामीणों में बने भय के माहौल को देखते हुए आज विनोद डबराल ने ग्रामीणों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने खण्ड विकास कार्यालय, यमकेश्वर में इस गंभीर समस्या को लेकर आवाज बुलंद करते हुए आसपास के क्षेत्रों में बढ़ी झाड़ियों की कटाई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़क किनारे तथा आबादी के आसपास उगी घनी झाड़ियां गुलदार के छिपने का स्थान बन रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।

विनोद डबराल ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में सक्रिय गुलदार की निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने तथा आबादी के आसपास उगी झाड़ियों की तत्काल सफाई/कटाई के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि समस्या सामने आने के बाद केवल घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से एहतियाती कदम उठाना जरूरी है। यदि झाड़ियों और अन्य संभावित छिपने वाले स्थानों की समय रहते सफाई की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग की निगरानी बढ़ाई जाए, तो ग्रामीणों के बीच व्याप्त भय को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस दौरान उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से मौके की स्थिति का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए बिना भय के घर से बाहर निकल सकें।
ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
यमकेश्वर जैसे ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर विषय है। ऐसे में प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनता के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
विनोद डबराल ने कहा कि विकास केवल सड़क और भवन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। गुलदार के आतंक से ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए उन्होंने संबंधित विभागों से प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुँचाने और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार प्रयास करने का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक इस विषय को प्रमुखता से उठाया जाता रहेगा।