शासन-प्रशासन अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने में असफल- पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी

एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार। पूर्व कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कोटद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उसकी कल्पना *राज्य आंदोलनकारियों* ने कभी नहीं की थी।

नेगी ने हाल ही में कोटद्वार के एक निजी विद्यालय के *छात्र की नशे के कारण हुई मृत्यु* पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शासन-प्रशासन प्रदेश में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने में क्यों असफल साबित हो रहा है ??छोटे-छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों तक नशीले पदार्थ पहुंचना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि नशे के इस अवैध कारोबार के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को इस दिशा में केवल बयानबाजी नहीं बल्कि ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान नेगी जी ने उत्तराखंड में *महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों* पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने *रैतपुर सतपुली* में प्रताड़ना से विवश होकर युवक द्वारा आत्महत्या, *चंपावत में नाबालिग के साथ हुई घटना*, *अंकिता भंडारी हत्याकांड* सहित अन्य बेटियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की पहचान लगातार धूमिल हो रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में *शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं* चरमरा चुकी हैं। पहाड़ों से लगातार *पलायन* हो रहा है, युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा है और सरकार ठोस समाधान देने में विफल है। नेगी ने *अग्निवीर योजना* पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना ने सेना में भर्ती होकर देशसेवा का सपना देखने वाले लाखों युवाओं की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है। साथ ही *पूर्व सैनिकों एवं सैन्य परिवारों से जुड़े पेंशन* संबंधी मुद्दों को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने प्रदेश में लगातार सामने आ रहे *पेपर लीक* मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। वहीं कोटद्वार की स्थानीय समस्याओं जैसे *बदहाल सड़कें, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं,आवारा पशुओं का आतंक, पेयजल संकट, बिजली व्यवस्था की खामियां*,*नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे आवासीय संपत्ति कर नोटिस* और अन्य नागरिक समस्याओं पर भी सरकार को घेरा।
सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा* कि जब *उत्तराखंड राज्य निर्माण* के लिए लाखों लोगों ने आंदोलन किया, अनेक *राज्य आंदोलनकारी शहीद हुए*, तब किसी ने भी ऐसे उत्तराखंड की कल्पना नहीं की थी, जहां अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन और अव्यवस्था चरम पर हो।
उन्होंने *सरकार को चेतावनी* देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से ठोस पहल की जाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि *सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित* हो चुकी है, इसलिए उससे बहुत अधिक उम्मीद करना कठिन है।
*अंत में नेगी ने जनता से अपील की* कि वे अधिक जागरूक बनें, *अपनी समस्याओं को लेकर चुप न बैठें* और सरकार को जगाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जनसमस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रही है और जनता को भी इस लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।





