डाडामंडी में कांग्रेसियों ने नेहरू को 62 वीं पुण्य तिथि पर दी श्रंद्धाजलि

डाडामंडी में कांग्रेसियों ने नेहरू को 62 वीं पुण्य तिथि पर दी श्रंद्धाजलि

एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार/ डाडामंडी। बुधवार को देश के प्रथम प्रधानमंत्री के साथ लगातार 03 बार देश के प्रधानमंत्री, भारत रत्न, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पं. जवाहरलाल नेहरू की 62 वीं पुण्य तिथि पर कांग्रेसियों ने डाडामंडी (द्वारीखाल) में ब्लाक अध्यक्ष द्वारीखाल संजय तोमर की अगुआई में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर सृद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में उनके जीवन बृत्त पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐश्वर्य एवं वैभवपूर्ण जीवनशैली के साथ विदेशों में शिक्षा ग्रहण के बाबजूद भी सभी सुविधाओं का परित्याग कर खादी एवं गांधी टोपी पहनकर गांधी जी के असहयोग आंदोलन में शामिल होकर स्वतंत्रता संग्राम संघर्ष से जुड़कर हजारों दिन जेल की यात्राएं की और 1929 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ कई महत्वपूर्ण पदों पर काबिज रहे।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि देश की आजादी के बाद नेहरू जी ने अपने प्रधानमत्रीत्व काल में जब देश के सामने गरीबी, विकास और राष्ट्रीय एकता अखंडता को कायम रखने आदि चुनौतियां का बखूबी सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की स्थापना में अविस्मरणीय योगदान प्रदान किया इनमें IIT भार.औद्योगिक संस्थान, IIM भार. प्रबंधन संस्थान, IISC भा. विज्ञान संस्थान, परमाणु ऊर्जा आयोग, UGC विश्वविद्यालय अनु. आयोग, JNU जवाहर ला.नेहरू विश्व. विद्यालय, भिलाई एवं राउरकेला स्टील, BHL भा. भारी विद्युत आयोग, HMT हिंदुस्तान मशीन टूल्स, इसरो, AIIMS अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान आदि सम्मिलित हैं।
तत्कालीन राजनीतिक क्षितिज पर में ही नेहरू जी ने बिश्वपटल पर अपने राजनीतिक प्रभाव का लोहा मनवाते हुए उपनिवेश वाद की समाप्ति, गुटनिरपेक्ष आंदोलन में 120 देशों की सदस्यता, कोरियाई युद्ध का अंत, स्वेजनहर बिबाद, कांगो समझौता और पंचशील सिद्धांत आदि में प्रभावकारी मध्यस्थता की भूमिका निभाई।
“आराम हराम है” के प्रमुख नारे के साथ ही उन्होंने ‘डिस्कबरी ऑफ इंडिया’, ‘ग्लिंपसेज ऑफ वर्ड हिस्ट्री’, ‘मेरी कहानी’, ‘पत्र पिता का पुत्री के नाम’ आदि लोकप्रिय पुस्तकों की रचना की।
आज के कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद डबराल, ब्लाक अध्यक्ष द्वारीखाल संजय तोमर, राजीव जखमोला (ब्लाक अध्यक्ष दुगड़ा), अनिल रतूड़ी (ब्लाक अध्यक्ष यमकेश्वर), बलबीर सिंह रावत (पूर्व जिला उपाध्यक्ष ) राजेश बिष्ट पूर्व सैनिक, सुरेन्द्र सिंह गुसाईं, भीमेंद्र पवांर, महावीर सिंह, जयकृत सिंह, मथुरा प्रसाद, ललित मोहन चौधरी, संजय बधानी, रमेश चन्द्र बधानी, राकेश कुमार आदि ने विचार रखे।

Ravikant Duklan (MA. MassCom )

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