‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम के नाम पर विद्यालयों के उपयोग पर भड़की कांग्रेस
एनसीपी न्यूज़। कोटद्वार। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों में भाजपा द्वारा राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी, कोटद्वार ने महामहिम राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पहले ही गंभीर गिरावट के दौर से गुजर रही है। आए दिन पेपर लीक जैसी घटनाओं के सामने आने से विद्यार्थियों की मेहनत और उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं लगातार विद्यालय बंद किए जाने, विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी, जर्जर भवनों तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याएं भी शिक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती बनी हुई हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक ओर विद्यालयों में विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं, दूसरी ओर ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम के नाम पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं विद्यालयों पर कार्यक्रमों में शामिल होने का मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यालय विद्या और संस्कार के केंद्र हैं, उन्हें किसी भी परिस्थिति में राजनीतिक गतिविधियों का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार को विद्यालयों में राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान देने के बजाय पेपर लीक रोकने, शिक्षकों की कमी दूर करने, जर्जर विद्यालय भवनों को दुरुस्त करने और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों पर राजनीतिक अथवा गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए दबाव बनाना न तो विद्यार्थियों के हित में है और न ही स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के अनुरूप।
ज्ञापन में कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल से मांग की कि विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप पर तत्काल रोक लगाने तथा ‘सेवा संकल्प’ के नाम पर विद्यार्थियों और शिक्षकों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव को समाप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ज्ञापन में कांग्रेस की प्रमुख मांगें
1. विद्यालयों को किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र अथवा राजनीतिक अखाड़ा न बनाया जाए।
2. ‘सेवा संकल्प’ के नाम पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं विद्यालयों पर बनाया जा रहा अनावश्यक दबाव तत्काल समाप्त किया जाए।
3. परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी राजनीतिक अथवा गैर-शैक्षणिक कार्यक्रम में शामिल करने के लिए दबाव न बनाया जाए।
4. पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाकर परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जाए।
5. सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
6. जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
7. विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
8. शिक्षकों को राजनीतिक एवं गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त रखा जाए।
9. विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखते हुए विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
कांग्रेस ने कहा कि बच्चों का भविष्य किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से अधिक महत्वपूर्ण है। शिक्षा के मंदिरों की गरिमा बनाए रखना और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर वह आगे भी अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
ज्ञापन देने वालों में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मीना बछुवाण, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीन रावत, पूर्व महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष सुदर्शन रावत, पूर्व यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमित राज, महामंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ( सिताबपुर),संरक्षक विजय माहेश्वरी, संरक्षक देवेंद्र सिंह नेगी, प्रदीप नेगी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकुश घिल्डियाल, महासचिव शुभम सुयाल आदि मौजूद रहे।